Rajeev kumar

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लेखनी प्रतियोगिता -17-Aug-2022

उम्मीद 

उम्मीद की रौशनी 
दिलो दिमाग का अँधेरा 
निगलती चली जाएगी , सब्र कर .

उम्मीद की रौशनी 
ले आएगी मुकम्मल सवेरा , सब्र कर .

उम्मीद की रौशनी 
रौशन करेगी 
कामयाबी की जमीन , सब्र कर .

उम्मीद की रौशनी 
मख़्बूल करेगी तेरा फन , सब्र कर .


राजीव कुमार 

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1 Comments

Reena yadav

23-Sep-2022 08:09 PM

👍👍

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